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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005(NCF 2005) || ncf 2005 in hindi-ncf 2005 kya hai-ctet 2020 notes



राष्ट्रीय  पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005(NCF 2005) -ncf 2005 kya hai


भारत एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है।भारत एक स्वतन्त्र राष्ट्र  है।
भारत का इतिहास एक समृद्ध है। भारत का इतिहास अनेकों प्रकार की विविधताओं से परिपूर्ण है।भारत के इतिहास में असाधारण रूप से जटिल और सांस्कृतिक विचारधारा मौजूद है। भारत की संस्कृति मूल्यों  अपने मूल्यों के सर्वजन कल्याण के लिए प्रतिबद्धता है।


NCF 2005
राष्ट्रीय  पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005(NCF 2005).



सन 1986 में जब शिक्षा पर राष्ट्रीय नीति को संसद द्वारा स्वीकृति मिली थी। तभी से पाठ्यचर्या को समय समय पर बदलाव के लिए, प्रयासों का दौर रहा है।
शिक्षा की एक राष्ट्रीय  प्रणाली की रचना करना ।क्योंकि देश के बच्चों को शिक्षित करने का कार्य बहुत विशाल व महत्वपूर्ण होता है ।

इसलिए सभी वर्गों को ध्यान में रखकर एक ऐसी प्रणाली की आवश्यकता थी ।जो सभी सभी प्रकार के बच्चों के लिए ,एक समान शिक्षा दे सके। क्योंकि देश में बच्चों को शिक्षित करने का कार्य बहुत विशाल और महत्वपूर्ण था।
इसलिए यह आवश्यक है। कि अब हम समय-समय पर हम साथ मिल बैठकर स्वयं से यह सवाल पूछे ,कि इस कार्य में व्यस्त हम क्या कर रहे हैं। शिक्षा के नाम पर हम जो बच्चों को उपलब्ध करा रहे हैं। या उसमें नयापन लाने का वक्त आ गया है।


NCF 2005 ट्रिक से पढ़िए,शॉर्ट नोट्स बनाए,ओर परीक्षा में धमाल मचाए।/ncf 2005 ke siddhant


मित्रों अब हम आपको एनसीएफ के द्वारा बताए गए कुछ आवश्यक पॉइंट स्कोर बताएंगे जिन्हें आप, अपनी नोटबुक में नोट कर सकते हैं।
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राष्ट्रीय  पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005(NCF 2005).


1. NCF 2005 का  का प्रमुख उद्देश्य ज्ञान, को स्कूल की बाहर के जीवन से जोड़ना है।

2. पढ़ाई रटन्त प्रणाली से मुक्त हो,यह NCF 2005 ने सुनिश्चित किया।

3. पाठ्यचर्या का इस तरह संवर्धन ,कि वह बच्चों को चहुंमुखी विकास के अवसर मुहैया करवाने के बजाए। इसके की पाठ्यपुस्तक केंद्रित बनकर रह जाएं

4. परीक्षाओं को अपेक्षाकृत अधिक लचीला बना जाए और कक्षा की गतिविधियों को भी इनसे जोड़ा जाए।


कुछ महत्वपूर्ण तथ्य(ओर बच्चों में सीखना)


5.  सभी बच्चे स्वभाव से ही सीखने के लि स्वभाव से ही सीखने के लिए प्रेरित रहते हैं ।और उनमें सीखने कि झमता भी होती है।


6. अर्ध निकालना ,सोच ki क्षमता विकसित करना विवेचना करना ,अधिगम की क्रिया के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू होते हैं।


7. बच्चे व्यक्तिगत स्तर पर यह एक -दूसरे से से सीखते हैं। बच्चे एक दूसरे से निम्न प्रकार से सीखते हैं।
जैसे अनुभव के माध्यम से स्वयं चीजें करने में ,स्वयं बनाने से ,प्रयोग करने से, पढ़ने से ,विचार विमर्श करने से ,एक दूसरे से पूछने से ,सुनने से ,उस पर सोच में बनने के कारणों को पता करने से एवं अन्य क्रियाओं द्वारा बच्चे आपस में चर्चा और परिचर्चा करके कई प्रकार के तरीके अपनाकर ज्ञान अर्जित करते हैं।

8.बच्चे मानसिक रूप से तैयार हो।उससे पहले ही ,उन्हेंपढ़ा देना बाद की अवस्थाओं में उनमें सीखने की प्रवृत्ति को प्रभावित करता है। उन्हें बहुत से तथ्य याद तो रहते हैं। लेकिन संभव है कि वे न तो उन्हें समझ पाए और ना ही उन्हें आपस की दुनिया में अपने आप से समझ पाएं।


9.स्कूल के भीतर व्यवहार दोनों जगहों पर सीखने की प्रक्रिया चलती रहती है। इन दोनों जगहों में यदि संबंध रहे तो सीखने की प्रक्रिया पुष्ट होती है।


10. सीखने की एक  उचित जगह होनी चाहिए। ताकि विद्यार्थी अवधारणाओं को रटकर और परीक्षा के बाद सीखे हुए को भूल ना जाए। बल्कि उसे समझ सके। और आत्मसात कर सकें। साथ ही सीखने में विविधता में चुनौतियां भी होनी चाहिए । ताकि वह बच्चों को और रोचक लगे और उन्हें व्यस्त रखा जा सके।

11 . सीखना किसी की मध्यस्थता या उसके बिना भी हो सकता है। प्रत्यक्ष रुप से सीखने से सामाजिक संदर्भ में संवाद विशेषकर अधिक सक्षम लोगों के संवाद विद्यार्थियों को उनके स्वयं के उच्च संज्ञानात्मक स्तर पर कार्य करने का मौका देते हैं।


स्कूली अवस्थाएं:- 


12.बहुभाषिकता कक्षा में एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करती है।


13. भाषाई अल्पसंख्यक वर्गों के बच्चों की प्राथमिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था उनकी मातृभाषा में करना उनके संज्ञानात्मक विकास के लिए अति आवश्यक होती है।


14.गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य, तार्किक ढंग से सोचने और अमुर्तनो को निर्माण करने तथा संचालित करने की योग्यता का विकास करने से होना चाहिए।


15.सामाजिक विज्ञान शिक्षण के अंतर्गत एक ऐसी पाठशाला का होना आवश्यक है ।जो विद्यार्थियों में समाज के प्रति आलोचनात्मक समाज का विकास कर सकें।


16. गणित शिक्षण का मुख्य उद्देश्य तार्किक ढंग से सोचने का मौका प्रदान करता है।


17.स्वास्थ्य और स्वच्छता पर आधारित शिक्षा का संबंध बच्चों के दैनिक जीवन के व्यावहारिक पहलुओं से संबंधित होना चाहिए।


18. शिक्षार्थियों के नैतिक विकास हेतु यह आवश्यक है. कि उन्हें ऐसी सीख दी जाए. जिसके माध्यम से वह सही क्या है, गलत क्या है, आदि प्रश्नों के उत्तर खोज सकें।


19. आकलन का मुख्य प्रयोजन सीखने सिखाने की प्रक्रिया एवं सामग्री में सुधार लाना तथा उन लक्ष्यों पर पुनर्विचार करना है जो स्कूल के विभिन्न चरणों के लिए तैयार किए जाते हैं।


दोस्तों आपको हमने इस अध्याय में आपको सीटेट के अति महत्वपूर्ण टॉपिक ncf-2005 के कुछ इंपॉर्टेंट टॉपिक को आपके समक्ष प्रस्तुत किया है। उम्मीद है 'दोस्तों आपको हमारा यह टॉपिक काफी हद तक पसंद भी आया होगा'

 हमने आपको इस ncf-2005 को बहुत ही सरल रूप में व्याख्या करने का प्रयत्न किया है उम्मीद है आपको हमारा यह टॉपिक अच्छा नहीं लगा होगा।

 दोस्तों आपको अपने मन में सिर्फ इतना याद रखना है  कि ncf-2005 ने बच्चों को खुद से कुछ करने पर अधिक बल दिया ।और बच्चों को रटन्त प्रणाली से मुक्त करवाकर। उन्हें खुद से करने पर बल दिया। बच्चों के लिए एनसीएफ ने खेलकूद के माध्यम से ही उन्हें सिखाने का किया।

 ncf 2005 ने  प्राथमिक और जूनियर स्तर पर बच्चों के लिए अनेक प्रकार के नियम और कानून के तहत कई नियम बताएं जिसके तहत बच्चों को उसी से शिक्षा वितरित की जाती है ncf-2005 है

 बच्चों को ध्यान में रखकर ही बच्चों के लिए उच्चतम शिक्षा की व्यवस्था के लिए एवं उनको ग्रहण करने की क्षमता के आधार पर ही यह अन्य लिए गए एनसीएफ ने हमें सिखाया है कि बच्चे को रिटर्न की प्रक्रिया से मुक्त करना है।
और बालकों को  रटन्त प्रक्रिया से मुक्त करने के बाद उन्हें खुद से किसी भी कार्य करने के लिए प्रेरित करना है। अर्थात जहां भी प्रश्न में बच्चा आपको एक्टिव या कुछ कार्य कर्ता हुआ।दिख रहा है। 

तो सीटेट की परीक्षा में अधिकतर वही प्रश्न पॉजिटिव टाइप के होते हैं।आप उन प्रश्न को आंख मीच कर लगा दीजिए ,वही प्रश्न ठीक होता है। दोस्तों सीटेट में प्रश्नों को ट्रिक के माध्यम से कैसे सॉल्व किया जाता है।इसके विषय में हम आपको अगली पोस्ट में बताएंगे ।

उस पोस्ट ( ctet tag word ) के माध्यम से आप बहुत ही सरल तरीके से ठीक उत्तर का चयन कर पाएंगे। दोस्तों वास्तव में आपको उस ट्रिक में काफी मजा और आनंद आने वाला है।आप बहुत ही आसानी से सही प्रश्न का चयन कर सकते हैं ।उसमें केवल आप नेगेटिव और पॉजिटिव टाइप के प्रश्नों को छांट सकते है।

जिन्हें छांटने के लिए हम आपको कुछ  ctet tag word  , टैग वर्ड बताएंगे।
 इन टैग वर्ल्ड की माध्यम से आप ऐसे प्रश्नों को तुरंत जान जाएंगे ,जो  ctet tag word पॉजिटिव  और नेगेटिव होंगे।और आप सही प्रश्न तक आसानी से पहुंच जाएंगे। चलिए दोस्तों मिलते हैं ,

आपको अब अगली पोस्ट में अगर आपको हमारा यह टॉपिक पसंद आया हो। तो कृपया हमारी इस पोस्ट को अपने दोस्तों तक अधिक से अधिक शेयर कीजिए ,
चलीए दोस्तों मिलते हैं। अगली पोस्ट के साथ जब तक के लिए धन्यवाद





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